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29 सितंबर, 2009

भारत को चिंता की जरूरत नहीं-चीन

चीन जहाँ नई शस्त्र प्रणाली का खुलासा करने की तैयारी कर रहा है, वहीं उसने सोमवार को यह भी कहा कि भारत सहित उसके पड़ोसी देशों को कोई चिंता नहीं होनी चाहिए क्योंकि हथियार उसके विशाल देश की रक्षा के लिए हैं।

चीन के उप विदेशमंत्री हू झेंग्युए ने यहाँ कहा कि चीन और भारत ने ‘आपसी राजनीतिक विश्वास’ बढ़ाया है और ‘इतिहास में छूटे’ मुद्दों को दोनों पक्षों के बीच मैत्रीपूर्ण तथा सहयोगात्मक चर्चा के जरिये सुलझाया जाना चाहिए।

उन्होंने चीन आए विदेशी पत्रकारों के समूह से कहा कि हमारी आबादी 1.3 अरब है। यह समझा जा सकता है कि हमने हमारी हिफाजत के लिए कुछ हथियार रखे हैं। हमारी राष्ट्रीय रक्षा नीति काफी खुली और पारदर्शी है। चीन एक अक्टूबर को 60वें स्थापना दिवस के मौके पर सैन्य परेड में 52 नई शस्त्र प्रणालियाँ प्रदर्शित करेगा।

अधिकारियों ने यहाँ कहा कि इनमें परमाणु तथा परंपरागत क्रूज मिसाइलें, लड़ाकू जेट, रडार प्रणाली और सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें शामिल रहेंगी।

हू ने कहा कि दस साल पहले यह कल्पना करना मुश्किल था कि आज चीन और भारत एक संयुक्त युद्धाभ्यास करेंगे। उन्होंने कहा कि चीन अपने पड़ोसी देशों के साथ अच्छे और दोस्ताना रिश्ते कायम किए हुए है। चीन की राष्ट्रीय सुरक्षा के समक्ष आसपास के देशों की ओर से कोई प्रमुख चिंताएँ नहीं हैं।

उप विदेशमंत्री ने कहा कि मेरे विचार से हमारे शस्त्रों के बारे में देखने का सबसे महत्वपूर्ण नजरिया यह है कि हमारी नीति को समझा जाए। हू ने कहा कि चीन ने भारत को छोड़कर अन्य सभी पड़ोसी देशों से सीमा मुद्दे सुलझा लिए हैं। हू ने कहा कि कुछ मुद्दों के मामले में सबसे पहली बात यह है कि हम सहयोग करें और विवादों को एक तरफ रख दें।

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