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17 मई, 2009

गंगा पार के चुनावी अखाड़े में राजद चित

भागलपुर से शकुनी चौधरी हार गये। इससे भी चौकानें वाली खबर तब आई जब कार्यकर्ताओं को सूचना मिली कि खगड़िया के निवर्तमान सांसद डा. आरके राणा भी चुनावी अखाड़े में चित्त हो गये। गंगा पार के राजद कार्यकर्ताओं के लिए ये सूचनाएं किसी सदमे से कम नहीं थीं। लोगों का कहना है कि कभी गंगा पार का गोपालपुर व बिहपुर विधानसभा क्षेत्र भी राजद का गढ़ हुआ करता था। लेकिन सुशासन की बयार में यहां राजद का छत्रप इस कदर उखड़ गया जिसकी आशंका पार्टी कार्यकर्ताओं व नेताओं को किसी को नहीं थी। बीते लोकसभा चुनाव तक खगड़िया लोकसभा का हिस्सा रहे दोनों विधानसभाओं में तीन संसदीय चुनावों में राजद प्रत्याशी को यहां निर्णायक बढ़त मिलती रही थी। लेकिन इस बार की बढ़त राजग प्रत्याशी श्री हुसैन के पक्ष में दिखी। जब यहां के सांसद डा. राणा थे तब गोपालपुर से उन्हें लगभग 35 हजार व बिहपुर से लगभग 25 हजार मतों की बढ़त मिली थी। इसके पहले जब यहां से जदयू प्रत्याशी के रूप में रेणु कुमारी जीती थीं तब भी वे ऐसी बढ़त नहीं ले पाई थीं। शनिवार को चुनाव परिणाम सामने आने पर स्थानीय राजद कार्यकर्ता उदास थे। उदासी का आलम यह था कि राजद का कार्यकर्ता पार्टी कार्यालय में परिणाम सुनने के बाद नजर नहीं आ रहा था। सत्यनारायण मंदिर रोड स्थित पार्टी कार्यालय में ताला लटका था। राजद की हार पर आहत राजद प्रवक्ता राजेन्द्र यादव ही एक ऐसे नेता थे जो पार्टी की हार को स्वीकार कर इस पर आत्मचिंतन की बात कह रहे थे। उनका कहना था कि हार से पार्टी कार्यकर्ताओं को भी सबक मिली है। उन्होंने कहा कि हार के बाद गंगा पार में पार्टी को नये सिरे से मजबूत करने की रणनीति बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि गंगा पार में पार्टी कार्यकर्ताओं ने काफी मेहनत की उसके बावजूद प्रत्याशी की हार हो गई। उससे सबों को हैरत हुई है।

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