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21 अप्रैल, 2009

'कमजोर वर्ग' के वोटरों को सुरक्षा देने की तैयारी

भारत निर्वाचन आयोग ने लोकसभा चुनाव में 'कमजोर वर्ग' के वोटरों को सुरक्षा देने के लिए जमीनी तैयारी की है। आयोग के निर्देश पर सेक्टर अफसर कमजोर वर्ग के वोटरों को अहसास दिला रहे हैं कि इस बार आप अपने विवेक से मतदान करें। इस तरह की व्यवस्था पहली बार की गयी है। इसके लिए जिला निर्वाची पदाधिकारी ने 150 सेक्टर अफसरों को नियुक्त किया है। एक सेक्टर अफसर के जिम्मे औसतन एक दर्जन बूथ से संबंधित क्षेत्र है। पिछले 15 दिनों से सेक्टर अफसर अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमणशील हैं और गांव-गांव घूमकर कमजोर वर्ग के वोटरों को मतदान के प्रति जागृत कर रहे हैं। सेक्टर अफसर यह भी पता कर रहे हैं कि किन इलाकों में किस वर्ग के लोग कमजोर वर्ग के मतदाताओं को डराते-धमकाते हैं। ऐसे वर्गों की सूची सेक्टर अफसरों ने तैयार कर निर्वाची पदाधिकारी को सौंपी है। इस सूची के मुताबिक बहुत से संदिग्ध पर धारा 107 के तहत कार्रवाई भी हुई है। इनकी गतिविधियों पर संबंधित थानों द्वारा अभी से निगरानी रखी जा रही है। उनके फोन नम्बर भी प्रशासन ने लिए हैं।

निर्वाचन कोषांग के सूत्रों ने बताया कि जो तैयारी की गयी है उसके मुताबिक अब कमजोर वर्ग के मतदाताओं को कोई डराने-धमकाने की हिम्मत नहीं कर सकेगा। जो सेक्टर अफसर बनाये गए हैं उन्हें 24 अप्रैल से दंडाधिकारी की शक्ति प्रदान की जाएगी। कमजोर वर्ग के मतदाताओं के बीच यह भी संदेश दिया जा रहा है कि वे भयमुक्त होकर मतदान करें। पिछले चुनावों तक विभिन्न दलों द्वारा प्रशासन पर यह आरोप लगता रहा है कि केन्द्रीय बलों को बूथों पर नहीं भेजा जाता है। ऐसे बलों को पुलिस लाइन में रिजर्व बल के नाम पर बिठा कर रखा जाता है। सूत्रों ने बताया कि अब ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होगी। केन्द्रीय बलों की प्रतिनियुक्ति चुनाव पर्यवेक्षक के निर्देश और सलाह पर ही की जाएगी। केन्द्रीय बलों की कम उपलब्धता के कारण बूथों पर मिश्रित सुरक्षाबलों की तैनाती की जा रही है। इसके अलावा बूथों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए माइक्रो आब्जर्वर तैनात किए गए हैं। जिले में 365 माइक्रो आब्जर्वरों को प्रशिक्षण दिया गया है।

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