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22 जून, 2012

विजय बहुगुणा के घर 83 तो राजनाथ के घर 80 सिलेंडर की खपत

आपकी गाढ़ी कमाई नेताओं के नखरों पर खर्च हो रही है। एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है कि देश पर राज कर रहे नेता किस कदर जनता के पैसे पर चांदी काट रहे हैं। पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से शुरू किए गए एलपीजी के ट्रांसपेरेंसी पोर्टल पर जब खुद केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री जयपाल रेड्डी ने क्लिक किया तो वे अवाक रह गए। दरअसल, पेट्रोलियम मंत्रालय के इस पोर्टल पर क्लिक करते ही देश के नेताओं की 'असलियत' सामने आ गई। ट्रांसपेरेंसी पोर्टल पर मौजूद जानकारी के मुताबिक उत्तराखंड के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने पिछले एक साल में सबसे ज़्यादा सिलेंडर की खपत की है। उनके दिल्ली में मौजूद घर पर एक साल में 83 सिलेंडर की खपत हुई है। दूसरे नंबर पर हैं बीजेपी के नेता एसएस आहलूवालिया। आहलूवालिया ने एक साल में 81 सिलेंडरों का इस्तेमाल किया है। वहीं, बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने 80, विदेश राज्य मंत्री परिणीत कौर ने 77, सब्सिडी के खिलाफ आवाज़ उठाने वाले केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी के नायब नमो नारायण मीणा ने 69, केंद्रीय मंत्री वीरभद्र सिंह की पत्नी प्रतिभा सिंह के यहां 66, सुरेश कलमाड़ी के घर पर 63, मुलायम सिंह यादव ने 58, मायावती ने 46, ए राजा भले ही जेल में रहे हों लेकिन उनके यहां भी 47, राज्यसभा सांसद राजकुमार धूत ने 71 और बीजेपी के युवा नेता अनुराग ठाकुर ने 37 सिलेंडर बुक कराए। इन सभी नेताओं के दिल्ली में मौजूद आवास पर इन सिलेंडरों की खपत हुई। गौरतलब है कि हर सिलेंडर पर सरकार 344 रुपये की सब्सिडी देती है। सरकार इस सब्सिडी को खत्म करने की कोशिशों में जुटी हुई है। इसके तहत सांसदों, नौकरशाहों और हर महीने 50 हजार रुपये से ज़्यादा कमाने वालों को बिना सब्सिडी के एक हजार रुपये की कीमत पर सिलेंडर देने पर विचार किया जा रहा है। लेकिन नेताओं के यहां सिलेंडर की खपत को देखते हुए यह कहना मुश्किल है कि पेट्रोलियम मंत्रालय कभी इस नियम को लागू कर पाएगा। यह हकीकत है कि आम आदमी को गैस एजेंसियां 21 दिनों से पहले गैस सिलेंडर देने में आनाकानी करती हैं। लेकिन अब इसे 'मान्यवरों' का रसूख कहिए या फिर कुछ और। लेकिन कई नेताओं के यहां हर हफ्ते के हिसाब से सिलेंडर पहुंचाए जा रहे हैं। इस बाबत जब इंडियन ऑयल के चेयरमैन आरएस बुटोला से पूछा गया तो उन्होंने टालमटोल भरा जवाब देते हुए कन्नी काट ली। भद्द पिटती देख पेट्रोलियम मंत्रालय ने बयान जारी कर नेताओं का 'बचाव' किया। इस बयान के मुताबिक कोई भी व्यक्ति हर महीन चाहे जितने सिलेंडर चाहे ले सकता है। लेकिन वीवीआईपी लोगों का यह 'सच' आम आदमी की खुरदुरी जमीन पर टिकेगा?

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