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01 फ़रवरी, 2010

राहुल गांधी के कार्यक्रम में हंगामा

दरभंगा, जागरण संवाददाता। 'आपरेशन बिहार' के तहत सोमवार को दरभंगा पहुंचे कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी को अप्रिय स्थिति का सामना करना पड़ा। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के यूरोपीय गेस्ट हाउस में राहुल के आह्वान और अव्यवस्था से गुस्साए छात्रों ने कुर्सियां फेंकीं और कुलपति के मना करने पर भी पंडाल के पर्दे फाड़ डाले। इस दौरान दर्जन भर से अधिक छात्र व छात्राओं को चोटें लगीं। डंडा लेकर पुलिस ने छात्रों को खदेड़ा।

जानकारी के अनुसार मिथिलांचल की सामाजिक-शैक्षणिक अवधारणाओं पर राहुल के साथ रूबरू कार्यक्रम में जगह के हिसाब से ज्यादा पास वितरित कर दिए गए थे। पास वितरण का कार्य विश्वविद्यालय प्रशासन ने किया था। विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित कार्यक्रम को गैर राजनीतिक बताया गया था, लेकिन अपने संबोधन में राहुल ने इसे उल्टा कर दिया। छात्रों के अनुसार राहुल के 'गुजरात बदलिए, देश बदलेगा' कहते ही छात्र उत्तेजित हो गए। छात्रों ने महाराष्ट्र में हो रहे बिहारियों पर हमले को लेकर सवाल उठाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। हालांकि बाद में राहुल ने कहा कि उन्हें गुजरात नहीं बल्कि बिहार कहना था। इससे पहले पश्चिम चंपारण के भितिहरवा गांधी आश्रम से राहुल गांधी ने बिहार दौरे की शुरुआत की। यहां उन्होंने कहा कि जब बाइक की चाबी एक के हाथ में हो और एक्सीलेटर दूसरे के हाथ, तो गाड़ी कैसे चलेगी। इसे रोकना होगा। देश की चाबी युवाओं के हाथ में है और उन्हें ही नव राष्ट्र व नए प्रदेश का निर्माण करना है। उन्होंने एलान किया कि सूबे में कांग्रेस अकेले चुनाव लड़ेगी और अपनी ताकत दिखाएगी।

राहुल ने यूथ कांग्रेस के संगठन को बदलने का संकेत देते हुए कहा कि जो काम करेगा, उसी को बढ़ावा मिलेगा। नेता बाहर से नहीं थोपा जाएगा। जिसे कार्यकर्ता पसंद करेंगे, नेता वही होगा। बिहार की छवि को बेहतर बनाना होगा और इस काम में वे कार्यकर्ताओं के साथ हैं। आश्रम में एक घंटे के प्रवास में उन्होंने 40 मिनट बापू की प्रतिमा को प्रणाम करने, प्रदेश भर से आए कांग्रेस नेताओं से मिलने व कस्तूरबा बालिका उच्च विद्यालय में भ्रमण कर बिताए। दस मिनट बाहर बैरिकेडिंग कर रोकी गई जनता से हाथ मिलाने व बात करने में गुजारे तथा बाकी दस मिनट युवा कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। राहुल का भाषण कार्यकर्ताओं से सवाल के साथ शुरू हुआ। सवाल यह कि बिहार में कांग्रेस क्यों हारी? जवाब में किसी ने कहा- लालू-राबड़ी से गठबंधन करके, तो किसी ने कहा, टिकट वितरण में जातिवाद-परिवारवाद के कारण। बेतिया के एक युवा कार्यकर्ता ने तो कह दिया कि 15 अगस्त, 26 जनवरी को हम पानी में खड़े होकर झंडा फहराते हैं और सदाकत आश्रम से टिकट लेकर नेता यहां उड़कर आते हैं। जवाब के बाद शुरू हुआ राहुल गांधी का भाषण। भाषण समाप्त करने के बाद वह फिर गांधी आश्रम में गए, बापू को प्रणाम किया। दरभंगा में बेला पब्लिक स्कूल परिसर में युवा कांग्रेस के 'पोटेंशियल कैंडीडेट' सम्मेलन राहुल ने कहा कि मुझे भी बिहारी मानकर चलें। जहां भी जरूरत होगी मैं आपके साथ खड़ा हूं।

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