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12 फ़रवरी, 2010

तुर्की : संपादक को 21 वर्ष की कैद

तुर्की की एक अदालत ने कुर्द समाचार पत्र के एक संपादक को विद्रोहियों का प्रोपोगेंडा छापने के आरोप में 21 वर्ष की सजा सुनाई है।

सरकारी संवाद समिति एनातोलियन ने बताया कि दक्षिण पूर्वी शहर दियारबाकिर की एक अदालत ने बुधवार को आजादिया वेलट नामक समाचार पत्र के संपादक ओजान किलिंक को विद्रोही संगठन कुर्दिश वर्कर्स पार्टी (पीकेके) के प्रोपोगेंडा के प्रचार का दोषी माना।

अदालत ने कहा कि किलिंक ने जून 2009 के अपने 12 संस्करणों में पीकेके नेताओं के चित्र तथा उनकी प्रशंसा करने वाले लेख छापे।

समाचार पत्र..रेडिकल.. के अनुसार वर्ष 2006 में आजादिया की शुरुआत बाद तीन वर्षों के अंदर ही उसे छह संपादक बदलने पड़े क्योंकि कुछ तो सजा से बचने के लिए देश से भाग खड़े हुए और कुछ जेल में डाल दिए गए।

पीकेके ने कुर्दों के लिए स्वायत्तशासन की माँग को लेकर तुर्की सरकार के खिलाफ सशस्त्र विद्रोह कर दिया था जिसके बाद सरकार ने इसे आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया।

प्रेस की आजादी और अपनी अल्पसंख्यक कुर्द जनसंख्या के अधिकारों के संबंध में तुर्की का रिकार्ड कुछ अच्छा नहीं रहा है और यह उसके यूरोपीय संघ का सदस्य बनने की राह में एक बड़ी बाधा है।

अदालत के कल के फैसले के बाद तुर्की के यूरोपीय संघ का सदस्य बनने तथा कुर्दों के साथ शांति के प्रयासों को धक्का पहुँच सकता है।

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