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28 सितंबर, 2009

टीम इंडिया के लिए 'करो या मरो' की स्थिति

चैंपियंस ट्रॉफी में आज टीम इंडिया के लिए आर या पार की जंग है. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अगर वह मैच जीती है, तो टूर्नामेंट में बने रहने की उम्मीदें बचेंगी. वर्ना धोनी एंड कंपनी का टूर्नामेंट से बोरिया बिस्तर बंध जायेगा.

कठोर हकीकत से हुआ सामना
टीम इंडिया को जन्नत की हकीकत का एहसास हो गया है. दो दिन पहले इसका नाम बड़े दावेदारों में थे, पर आज विदाई जैसी नौबत आ गई है. अगर इस अनचाही विदाई से बचना है, तो खिलाडि़यों को जांबाज़ जैसे जिगर के साथ मैदान पर उतरना होगा.

कप्‍तान के सिर हार का ठीकरा
पिछली हार का ठीकरा कप्तान के सिर फूटा है और अब कप्तान ने इसे गेंदबाज़ों के सिर फोड़ा है. धोनी ने ऑस्ट्रेलिय़ा के खिलाफ 5 गेंदबाज़ों को मैदान पर उतारने का फैसला किया है, लेकिन इतना भर काफी नहीं है. रणनीति के साथ-साथ तेवर भी बदलना होगा. पाकिस्तान के खिलाफ टीम लाचार और बीमार दिखी. सबसे पहले तो इस सूरत को बदलना होगा, तेवर तीखा करना होगा, क्योंकि सामने कोई ऐसी-वैसी टीम नहीं, ऑस्ट्रेलिया है.

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