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19 जनवरी, 2010

महिला को बाहर रखने के लिए पुलिस दोषी

सिविल सर्जन डा. प्रतिमा मोदी ने कहा कि दुष्कर्म की शिकार महिला को रात भर अस्पताल से बाहर रखने के लिए वहां ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी दोषी हैं। इस संबंध में ऐसे पुलिसकर्मियों को हटाने के लिए आरक्षी अधीक्षक और समादेष्टा को पत्र लिखा गया है। उन्होंने कहा कि महिला चिकित्सक ड्यूटी पर क्यों नहीं थी, इस बाबत भी सदर अस्पताल के प्रभारी डा. संजय कुमार से स्पष्टीकरण मांगा गया है। सिविल सर्जन ने सोमवार को कहा कि पुलिसकर्मियों को तत्काल गेट का ताला खोल देना चाहिए था। चिकित्सक हैं या नहीं यह देखना उनका काम नहीं है। पुलिसकर्मियों की वजह से दुष्कर्म पीडि़ता को कई घंटे तक रातभर बाहर रहना पड़ा। उन्होंने बताया कि रात्रि ड्यूटी डा. शोभा रमन की थी लेकिन वे बिना अनुमति के चली गई। उनके बदले डा. सुशीला चौधरी ने ड्यूटी करने पर सहमति जताई थी लेकिन रविवार की रात्रि वह भी नहीं थीं। उल्लेखनीय है कि रविवार को रजौन थाना क्षेत्र के टेकानी गांव की एक महिला जब सब्जी बेचकर घर वापस जा रही थी तो उसके साथ दुष्कर्म किया गया था। इलाज के लिए वह जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल एवं सदर अस्पताल दौड़ती रही लेकिन कहीं भी उसका इलाज नहीं किया गया। रात करीब 10 बजे जब वह सदर अस्पताल पहुंची तो वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने यह कहते हुए मुख्य द्वार का ताला नहीं खोला कि यहां महिला चिकित्सक नहीं हैं।

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