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25 जनवरी, 2010

संविधान तुझे सलाम...!

गणतंत्र दिवस विशेष
26 जनवरी 1950 को तीन वर्ष की अथक मेहनत के बाद हमारे का संविधान लागू हुआ था। हमारे देश के कानून का पालन करना सभी देशवासियों का कर्तव्य है। कानून या कहें कि नियम से ही कोई देश, समाज, परिवार चलता है। कानून नहीं है या कानून का विरोध-उल्लंघन करने वालों की संख्या ज्यादा है तो समझों जंगल राज है।
जनता की जिम्मेदारी : यदि आप स्वतंत्रतापूर्वक सुरक्षित और सुविधाजनक खुशहाल जीवन जीना चाहते हैं तो कानून का सम्मान और पालन करना आवश्यक है। बहुत से ऐसे देश हैं जिन्होंने अपने यहाँ के कानून का सम्मान या पालन नहीं किया था तो वे बिखर गए हैं और आज भी वहाँ पर कानून का राज नहीं लाठी का राज चलता है। कानून की रक्षा की जिम्मेदारी जनता की ही होती है। जनता से ही पुलिस और राजनीतिज्ञ चुने जाते हैं। जनता से ही कुख्यात और विख्यात लोग पैदा होते हैं, इसीलिए जनता की ही जिम्मेदारी है कि कानून का पालन करें और कराएँ।
सभी श्रेष्ठ हैं : जवाहरलाल नेहरू से मनमोहन सिंह तक हमारे सभी प्रधानमंत्री अच्छे रहें हैं। दोष निकालना हो तो सभी में से निकाले जा सकते हैं। हम तो कहते हैं कि भारत की एक अरब जनता के प्रत्येक व्यक्ति से भी दोष निकाले जा सकते हैं, लेकिन आप देखें कि हम 60 वर्ष पहले कहाँ थे और आज कहाँ है। रेडियो नहीं था, अब कम्प्यूटर और मोबाइल के माध्यम से आपने दुनिया मुठ्ठी में कर ली है।

गणतंत्र दिवस
देश की उपलब्धि : खदानों से दुनिया के श्रेष्ठ स्वर्ण और हीरे खोजते-खोजते हमने चाँद पर पानी खोज लिया है और अब मंगल पर खोजने का मन बना चुके हैं। ऑस्कर के लिए कोई हमें पूछता नहीं था अब हम ऑस्कर को नहीं पूछते। अभिनव बिन्द्रा ने स्वर्ण पर निशाना लगाकर बता दिया की ओलम्पिक तो मात्र खेल ही है खास बात तो यह की दुनिया भर का स्टील लक्ष्मी मित्तल की जेब में है। सुई से लेकर अंतरिक्ष शटल तक अब भारतीयों के बगैर नहीं बनाए जा सकते।
महिलाओं की उड़ान : महिला और पुरुष की समानता का जहाँ तक सवाल है तो दूसरा कोई भी मुल्क हमारी होड़ नहीं कर सकता। अंतरिक्ष से लेकर पाताल तक भारतीय महिलाओं ने अपनी विजय पताका फहरा दी है। कल्पना चावला को कौन भूल सकता है। हमारे पास महिला राष्ट्रपति है। देश की सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस की अध्यक्ष महिला है। संसद में प्रतिपक्ष की नेता भी महिला है। अंतरराष्ट्रीय स्तर की महिला लेखिकाओं की फौज खड़ी कर दी है और कार्पोरेट जगत में भी सैकड़ों नाम है जो प्रतिष्ठित कंपनी की सीईओ तक है।
भारतीय आईटी का कमाल : हमने ही हैकिंग करना सिखाया है और हम ही हैकिंग से मुक्ति भी दिलाते हैं। हम ही वायरस प्रोग्राम का निर्माण करते थे और हम ही उसे हटाने की क्षमता भी रखते हैं। दुनिया भर में कम्प्यूटर और इंटरनेट हमारे बगैर चल नहीं सकता। दुनिया भर के श्रेष्ठ सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर इंजीनियर हम ही पैदा करते हैं। यह गर्व की बात है कि इस क्षेत्र में भारतीय प्रतिभाओं के बगैर अब दुनिया आगे नहीं बढ़ सकती।
संविधान तुझे सलाम : भारत की समूची उड़ान और उपलब्धि का कारण है हमारा संविधान। हमारा संविधान हमें अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता देता है। हमारा संविधान हमें हर तरह की शिक्षा को ग्रहण करने की स्वतंत्रता देता है। हमारा संविधान हमें वह सारी स्वतंत्रता देता है जिसके माध्यम से हम स्वयं का विकास कर सकें और अपने सपनों को पूरा कर सकें, इसीलिए हम कहते हैं कि संविधान तुझे सलाम।
(वेबदुनिया डेस्क)

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