हरियाणा के बहुचर्चित उभरती हुई महिला टेनिस खिलाड़ी रुचिका से छेड़छाड़ और मौत का ये मामला पिछले 19 सालों से चंडीगढ़ की विशेष सीबीआई अदालत में चल रहा था। अदालत ने राठौर को छेड़छाड़ करने और रुचिका को ख़ुदकुशी करने के लिए मजबूर करने का दोषी पाया।
दरअसल रुचिका के साथ जो कुछ हुआ उसकी इकलौती चश्मदीद रुचिका की दोस्त अराधना गुप्ता है। अराधना ऑस्ट्रेलिया से भारत सिर्फ इसलिए लौटीं ताकि वो अपनी मरहूम दोस्त को इंसाफ दिला सके। रुचिका ने 1993 में खुदकुशी कर ली थी। खुदकुशी के लिए मजबूर करने का आरोप लगा हरियाणा के पूर्व डीजीपी एस पी एस राठौर पर। मामला 1990 का है। तब पूर्व डीजीपी राठौर आईजी हुआ करते थे। रुचिका के परिजनों को इंसाफ के लिए काफी दिनों तक इंतजार करना पड़ा।