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28 सितंबर, 2009

ऐसी सादगी पर कौन न हो जाए कुर्बान!

न कोई वेतन लिया और ही कमीशन। ऐसी सादगी के बावजूद बीते साल के दौरान मिले 52 करोड़ रुपये। ऐसी सादगी किसे नहीं ललचाएगी। जी हां, बात हो रही है देश के दूसरे दिग्गज दौलतमंद अनिल अंबानी की। ग्लोबल मंदी के मद्देनजर उन्होंने पिछले वित्त वर्ष 2008-09 में सादगी पर अमल किया।

इस दौरान छोटे अंबानी ने अपनी कंपनियों से बैठक फीस के सिवा कुछ भी नहीं लिया। अगर सादगी की पहल न की होती तो उन्हें 50 करोड़ रुपये और मिलते। यानी उनका वेतन पैकेज 100 करोड़ का स्तर पार कर गया होता, जबकि दिहाड़ी बनती करीब 27 लाख रुपये रोजाना। अनिल अंबानी की 5 कंपनियां-रिलायंस कम्यूनिकेशंस, रिलायंस कैपिटल, रिलायंस पावर, रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर और आरएनआरएल बाजार में सूचीबद्ध हैं।

इन पांचों कंपनियों के चेयरमैन के तौर पर अनिल अंबानी को बीते वित्त वर्ष के दौरान 52 करोड़ 7 लाख रुपये का भुगतान किया। इसमें बीते साल का बैठक शुल्क और वर्ष 2007-08 का कमीशन शामिल है। वैसे इस साल बैठक शुल्क के रूप में उन्हें केवल 7 लाख 80 हजार रुपये मिले। बाकी की रकम छोटे अंबानी को इससे पूर्व वर्ष के कमीशन के रूप में मिली।

इस सादगी के बावजूद छोटे अंबानी को बीते वित्त वर्ष के दौरान भुगतान की गई राशि देश की किसी भी अन्य कंपनी के मुखिया की तुलना में ज्यादा है। इस मामले में तुलना के लिए सिर्फ उन्हीं कंपनी प्रमुखों को शामिल किया गया है, जिन्होंने बीते वित्त वर्ष के वेतन ब्यौरे का ऐलान कर दिया है। बड़े अंबानी यानी मुकेश ने अब तक वित्त वर्ष 2008-09 के दौरान मिले पगार पैकेज का खुलासा नहीं किया है। इसकी वजह यह है कि रिलायंस ने अभी इस साल की बैलेंसशीट पेश नहीं की है।

वैसे वित्त वर्ष 2007-08 के दौरान मुकेश अंबानी इस मामले में नंबर वन थे। वह सबसे अधिक वेतन घर ले गए थे। उन्हें रिलायंस ने इस अवधि में 44 करोड़ 2 लाख रुपये का कुल भुगतान किया था। वहीं इस दौरान अनिल को वेतन पैकेज के रूप में 43 करोड़ 43 लाख रुपये मिले थे। यह राशि वर्ष 2006-07 के 2 करोड़ 40 लाख रुपये के मुकाबले करीब 18 गुना थी।

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