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11 सितंबर, 2009

भारत ने न्यूजीलैंड को हराया

आशीष नेहरा और युवराजसिंह की अगुवाई में गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के बाद सचिन तेंडुलकर (46) और सुरेश रैना (नाबाद 45) के तेज तर्रार पारियों की बदौलत भारत ने शुक्रवार को त्रिकोणीय सिरीज के दूसरे लीग मुकाबले में न्यूजीलैंड को छह विकेट से हरा टूर्नामेंट के फाइनल में प्रवेश कर लिया।
भारत को जीत के लिए 156 रनों का लक्ष्य मिला था, जिसे उसने 9.3 ओवर शेष रहते हासिल कर लिया। उधर इस हार के साथ ही किवी टीम इस सिरीज में अपने दोनों वनडे हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गई है। भारत को अपना दूसरा मैच शनिवार को मेजबान श्रीलंका से खेलना है लेकिन वह मैच मात्र अब मात्र औपचारिकता भर रह गया है।
हालाँकि करीब दो महीने के विश्राम के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने उतरी टीम इंडिया की शुरुआत अच्छी नहीं रही और उसे सात रन पर ही दिनेश कार्तिक (04) के रूप में पहला झटका लगा। कार्तिक को गौतम गंभीर के चोट के कारण स्वदेश लौट जाने के कारण ओपनिंग करने का मौका मिला था।
इसके बाद शानदार टच में नजर आ रहे सचिन और करीब दो वर्ष वनडे क्रिकेट में वापसी करने वाले राहुल द्रविड़ (14) ने टीम की बागडोर संभाली।
दोनों बल्लेबाजों ने अपने अनुभव का फायदा उठाते हुए प्रेमदासा की धीमी पिच पर 60 रन की साझेदारी कर डाली और टीम को शुरुआती झटके से उबार लिया। लेकिन जब ऐसा लग रहा था कि सचिन और द्रविड़ की जोड़ी जम चुकी है तभी तेज गेंदबाज नील ब्रूम ने अपनी एक शानदार गेंद पर द्रविड़ को पगबाधा आउट कर दिया।
द्रविड़ ने एक चौके की मदद से 14 रन बनाए। फिर चार रन बाद ही शानदार फार्म में चल रहे सचिन भी डेनियल विटोरी की एक फ्लाइटर ट्रेजेटरी की गेंद पर अपना शाट चेक कर गए और कवर में खडे मार्टिन गुप्टिल ने बड़ा ही आसान कैच लपक लिया। सचिन ने 55 गेंदों में छह चौकों की मदद से 46 रन बनाए और वे अपना अर्धशतक चार रन से चूक गए।
इसके बाद उप कप्तान युवराजसिंह (08) ने मोर्चा संभाला लेकिन वह ज्यादा देर तक पिच पर नही टिक सके। कॉरपोरेट ट्रॉफी में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाने वाले युवराज इस मैच में भी फिसड्डी ही रहे और 13 गेंदों में दो चौकों की मदद से आठ रन बनाकर डेनियल विटोरी का शिकार बने।
लेकिन इसके बाद कप्तान महेन्द्रसिंह धोनी (नाबाद 35) और युवा बल्लेबाज सुरेश रैना (नाबाद 45) ने अविजित 72 रन की साझेदारी कर टीम को विजयी लक्ष्य तक पहुँचा दिया। दोनों बल्लेबाजों ने शुरू में तो संभलकर खेलना शुरू किया लेकिन एक बार विकेट पर जम जाने के बाद उन्होंने विपक्षी गेंदबाजों पर ताबड़तोड़ हमले बोले।
न्यूजीलैंड की तरफ से विटोरी ने सर्वाधिक दो विकेट लिए, जबकि काइल मिल्स और जैकब ओरम को एक-एक विकेट मिला।
इससे पहले मैच में नेहरा और युवराज की अगुवाई में इशांत शर्मा और आरपी सिंह ने धारदार गेंदबाजी करते हुए विपक्षी टीम को धाराशाई कर दिया।
श्रीलंका के खिलाफ पहले मैच में बल्लेबाजों के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद आशा थी कि किवी टीम इस मैच में बढ़िया प्रदर्शन करेगी लेकिन आज भी किवी बल्लेबाजों ने निराशाजनक प्रदर्शन किया और टीम अपने कोटे का पूरा ओवर भी नहीं खेल पाई।
हालाँकि इसका पूरा श्रेय भारतीय गेंदबाजों को जाता है। उन्होंने अपनी बेहतरीन गेंदबाजी से किवी टीम को 46.3 ओवर में मात्र 155 रनों के योग पर समेट दिया। किवी टीम की बल्लेबाजी की दुर्दशा इस कदर रही कि कोई भी बल्लेबाज तीस का आँकडा भी नहीं छू सका।
ससे पहले किवी कप्तान विटोरी ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया लेकिन उनके इस निर्णय को उनके बल्लेबाज सही साबित नहीं कर सके और नेहरा ने पहले ओवर में ही जेसी राइडर को बिना खाता खोले पैवेलियन भेज दिया। अभी टीम का स्कोर चार रन ही हुआ था कि नेहरा ने उपकप्तान ब्रैंडन मैक्कुलम को भी पगबाधा कर दिया। वे मात्र तीन रन ही बना सके।
इसके बाद टीम की सबसे बड़ी आस रोस टेलर भी मात्र 11 रन बनाकर आरपी सिंह का पहला शिकार बने। एक समय टीम के पाँच विकेट मात्र 66 रनों पर गिर चुके थे। न्यूजीलैंड की ओर से छठे विकेट के लिए जैकब ओरम और नील ब्रूम ने 45 रन जोड़कर टीम को सौ के पार पहुँचाया।
किवी टीम की ओर से एक भी अर्धशतकीय साझेदारी भी नहीं हो सकी। उनकी ओर से सर्वाधिक 25 रन कप्तान विटोरी ने बनाए। उनके अलावा ऑलराउंडर ओरम ने 24 और मार्टिन गुप्टिल ने 22 रनों का योगदान दिया।
भारत की ओर से हरभजन की छोड़ अन्य सभी गेंदबाजों ने शानदार गेंदबाजी की। भारत के लिए सर्वाधिक तीन-तीन विकेट नेहरा और युवराजसिंह ने लिए। इसके अलावा आरपीसिंह और इशांत शर्मा ने भी दो-दो विकेट लिए।

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