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20 सितंबर, 2009

व्हाइट हाउस में भारतीय मूल के नौ लोग

व्हाइट हाउस में फिलहाल भारतीय मूल के नौ लोग काम कर रहे हैं। इनमें से कुछ को सालाना एक लाख डॉलर या उससे अधिक की सालाना राशि मिल रही है। इस बात का खुलासा राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यालय की ओर से जारी आधिकारिक आँकड़ों में किया गया।

आँकड़ों के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति की उपसहायक और सोशल इनोवेशन एंड सिविक पार्टिसिपेशन कार्यालय में निदेशक सोनल शाह को सालाना एक लाख 20 हजार डॉलर मिलते हैं।

विशेष परियोजना निदेशक रचना भौमिक और आदित्य कुमार के साथ-साथ आफिस ऑफ चीफ ऑफ स्टाफ के विशेष सहायक को प्रति वर्ष 99 हजार डॉलर मिलते हैं।

जिन लोगों को 90 हजार डॉलर से कम तनख्वाह मिलती है, उसमें अनीशा दासगुप्ता शामिल हैं। वे वकील के तौर पर काम करती हैं और उन्हें सालाना 86 हजार 927 डॉलर मिलते हैं, जबकि प्रतिक्रिया नीति के निदेशक प्रदीप राममूर्ति को सालाना 86 हजार 927 डॉलर की राशि मिलती है।

व्हाइट हाउस के ब्लाग पर जारी आंकड़ों के अनुसार इस बात का भी खुलासा किया गया है कि आफिस आफ इंटरगवर्नमेंटल अफेयर्स एंड पब्लिक इंगेजमेंट की नीति निदेशक कविता पटेल को सालाना 65 हजार डालर की राशि मिलती है जबकि व्हाइट हाउस काउन्सेल के विशेष सहायक सौमिक दत्ता को प्रति वर्ष 62 हजार डालर की राशि मिलती है।

इसी तरह व्हाइट हाउस की नीतिगत मामलों की सलाहकार मानसी देशपांडे को सालाना 54 हजार डॉलर की राशि मिलती है, जबकि तारा रंगराजन को उपसहायक निदेशक के तौर पर उनकी सेवाओं के लिए सालाना 40 हजार डॉलर की राशि मिलती है। ये आँकड़े व्हाइट हाउस की वेबसाइट पर जारी किए गए हैं।

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