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26 अगस्त, 2009

'बड़ी मछलियाँ’ सजा से बच न पाएँ:मनमोहन

सीबीआई और राज्य भ्रष्टाचार निरोधी अधिकारियों से उच्च दर्जे के भ्रष्टाचार से आक्रामक तरीके से निपटने के लिए कहते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि यह धारणा बदलनी चाहिए कि ‘बड़ी मछलियाँ’ सजा से बच जाती हैं।
सीबीआई और राज्य भ्रष्टाचार निरोधी ब्यूरो के एक अधिवेशन का उद्‍घाटन करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार से लड़ने का कोई एक इलाज नहीं है, इससे कई स्तरों पर लड़ा जाना है।
मनमोहन सिंह ने कहा कि उच्चस्तरीय भ्रष्टाचार से आक्रामकता के साथ निपटा जाना चाहिए। त्वरित जाँच महत्वपूर्ण और जरूरी तो है लेकिन दोषियों को सामने लाने के लिहाज से यह पर्याप्त नहीं है। मुकदमे तेजी से निपटाए जाने चाहिए और फैसले जल्दी से जल्दी दिए जाएँ। इस मकसद को पाने के लिहाज से मुकदमा दो साल के भीतर पूरा होना चाहिए ताकि अपराधियों को तीन साल की अवधि के भीतर सजा दी जा सके।
प्रधानमंत्री सिंह ने कहा कि सरकार ने हाल ही में 71 नई सीबीआई अदालतें शुरू करने का फैसला किया है और उम्मीद है कि ये आदर्श अदालतों की तरह कामकाज करेंगी, दिन प्रतिदिन की कार्यवाही करेंगी और गैरजरूरी स्थगनों से बचेंगी।
उन्होंने कहा कि दुनिया भारतीय लोकतंत्र का, इसके बहुलवादी और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों का, स्वतंत्र न्यायपालिका का, स्वतंत्र प्रेस का, आजादी और शांति के लिए प्रतिबद्धता का तथा इसके उचित एवं समावेशी विकास के अनुसरण का सम्मान करती है।
सिंह ने कहा लेकिन हमारे देश में व्याप्त भ्रष्टाचार हमारी छवि को धूमिल करता है। यह निवेशकों को भी हतोत्साहित करता है, जो निष्पक्ष और पारदर्शी समझौते चाहते हैं। देश के विकास और इसके वैश्विक अर्थव्यवस्था में शामिल होने के साथ सर्वश्रेष्ठ प्रौद्योगिकी एवं संसाधनों के इस्तेमाल में भ्रष्टाचार बाधा बना हुआ है।

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