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21 अगस्त, 2009

आडवाणी करते रहेंगे नेतृत्व-राजनाथ

तीन दिन की मैराथन चिंतन बैठक के बाद भाजपा अध्यक्ष राजनाथसिंह ने शुक्रवार को कहा कि लालकृष्ण आडवाणी पार्टी का नेतृत्व करना जारी रखेंगे। उन्होंने साथ ही स्पष्ट संकेत दिया कि असंतोष और अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
राजनाथ ने कहा कि चिंतन बैठक में लोकसभा चुनाव में मिली हार के बारे में चर्चा की गई, लेकिन हार के लिए किसी को भी जवाबदेह या जिम्मेदार नहीं ठहराया गया।
पार्टी के शीर्ष नेताओं की बैठक के बाद उन्होंने कहा कि यदि कोई जवाबदेह है तो मैं हार की जिम्मेदारी लेता हूँ। प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू होने से पहले ही राजनाथ से सवाल किया गया कि क्या आडवाणी पार्टी का नेतृत्व करना जारी रखेंगे।
उन्होंने कहा कि हाँ, वह पार्टी को नेतृत्व प्रदान करना जारी रखेंगे। इस सवाल पर कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत पार्टी में युवा नेतृत्व का समर्थन कर रहे हैं, भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा लंबे समय से नए खून को संगठन में शामिल करती आई है। हम हमेशा से ऐसा करते आए हैं।
जसवंतसिंह प्रकरण के परिप्रेक्ष्य में वैचारिक भटकाव के बारे में उन्होंने कहा कि जिस राजनीतिक विचारधारा और विचारों के आधार पर पार्टी बनी, हम इस पर कायम हैं और आगे भी रहेंगे। हमारी विचारधारा पर कोई बहस नहीं हो सकती।
यशवंत सिन्हा और अरुण शौरी जैसे नेताओं द्वारा सार्वजनिक रूप से आलोचना किए जाने के बारे में किए गए सवाल पर राजनाथ ने कहा कि मैंने जो कुछ किया है, आपने उसे देखा है- अनुशासन के मामले में कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
राजनाथ का इशारा जसवंत के खिलाफ हुई कार्रवाई और वसुंधरा राजे पर राजस्थान विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष पद से इस्तीफा देने के दबाव की ओर था। बैठक में आडवाणी की इस टिप्पणी कि अंतरकलह ने कार्यकर्ताओं को मायूस किया है, पर राजनाथ ने कहा कि वरिष्ठ नेता चाहते थे कि जहाँ कहीं भी अंतरकलह हो, उसे समाप्त किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आडवाणी आज समापन भाषण देने से पहले काफी खुश दिख रहे थे।
भाजपा प्रमुख ने एक बार फिर बाल आप्टे की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय समिति द्वारा तैयार किसी दस्तावेज के अस्तित्व से इनकार किया। राजनाथ ने कहा कि जिन लोगों को जिम्मेदारी दी गई थी, उन्होंने अपनी अपनी डायरी में नोट लिखे हैं और कोई मसौदा नहीं तैयार किया गया है।
राजनाथ ने कहा कि योजना का मसौदा पार्टी के महासचिवों और प्रमुख नेताओं की राष्ट्रीय राजधानी में होने वाली बैठक में तैयार किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि चिंतन बैठक में एक कार्ययोजना तैयार करने के बारे में तय किया गया, जो पार्टी के लिए भावी रूपरेखा का काम करेगी। इस योजना को मंजूरी के लिए राष्ट्रीय कार्यकारिणी के समक्ष पेश किया जाएगा, जिसकी बैठक सितंबर या अक्टूबर में होगी।
राजनाथ के मुताबिक पार्टी के शीर्ष नेताओं ने उसके भौगोलिक एवं सामाजिक दायरे के विस्तार के लिए ‘कार्ययोजना’ तैयार करने का फैसला किया है।
उन्होंने कहा कि इस कार्ययोजना का लक्ष्य अल्पसंख्यकों, पिछड़े वर्ग, अनुसूचित जाति, जनजाति, महिलाओं, युवाओं और सामाजिक रूप से कमजोर लोगों को साथ जोड़ना होगा। हम खुद को गरीब, किसान, गाँव और मध्यम वर्ग समर्थक के रूप में पेश करना चाहते हैं।
राजनाथ ने कहा कि मुख्य विपक्षी दल होने के नाते सभी राष्ट्रीय मुद्दों पर भाजपा को विश्वास में लिया जाना चाहिए। हम आतंकवाद के मुद्दे पर सरकार के साथ हैं। हम रचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि देश द्विध्रुवीय राजनीति की ओर बढ़ रहा है, लेकिन तीसरा मोर्चा अभी भी बड़ा धड़ा है।
लोकसभा चुनाव के बारे में राजनाथ ने कहा कि कांग्रेस और संप्रग को तीसरे मोर्चे की हाय-तौबा से फायदा मिला। चिन्तन बैठक में देश के कई हिस्सों में सूखे की गंभीर स्थिति पर चिन्ता व्यक्त की गई और तय किया गया कि सूखा राहत अभियान में पार्टी कार्यकर्ताओं को लगाया जाएगा।

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