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15 जुलाई, 2009

सूर्य के अलावा दिखेंगे बुध, शुक्र, मंगल व बृहस्पति ग्रह

सूर्य ग्रहण के दिन पटना में 43 प्रतिशत रोशनी की बात कही जा रही है। लेकिन टुकड़े-टुकड़े में बादलों के होने की वजह से यह पूरी तरह संभव नहीं भी हो सकता। बावजूद उस दिन अन्य कई ऐसी चीजें होंगी जिन्हें देखा जा सकता है। ये बातें आज बुधवार को अनुराग कुमार, परियोजना निदेशक, श्रीकृष्ण विज्ञान केन्द्र ने कहीं। वे पूर्ण सूर्य ग्रहण पर आयोजित स्कूली शिक्षकों की कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। लगभग पचास शिक्षक-शिक्षिकाओं की हिस्सेदारी में हुई इस कार्यशाला के दौरान श्री कुमार ने बताया कि बुध ग्रह जिसे देखना काफी मुश्किल होता है (चूंकि सूर्य के काफी नजदीक होता है), उसे इस दिन देखा जा सकता है। साथ ही शुक्र, मंगल व बृहस्पति ग्रह भी दिखेंगे। इनके अलावा पृथ्वी से सबसे चमकीले तारे सीरियस समेत अन्य कुछ तारे भी देखे जा सकेंगे। इतना ही नहीं, सूर्य ग्रहण के वक्त तापमान में आये बदलावों को अल्कोहल थर्मामीटर से नापा जा सकेगा। ग्रहण के समय सूर्य के चारों ओर का वातावरण यानी कोरोना भी मापा जा सकता है। अनुराग ने बताया कि कुत्ते भी अजीब व्यवहार करने लग जाते हैं, वे रो भी सकते हैं। पक्षी भी सूर्यास्त की सोच घोंसले में लौटने लग जाते हैं और फिर रोशनी होने पर निकल जाते हैं। ऐसी कई अन्य बातों की जानकारी अनुराग कुमार ने दी। वहीं पटना वीमेन्स कालेज के भौतिकीशास्त्र विभाग के डा. राकेश कुमार सिंह ने भी मौजूदगी दर्ज की। उन्होंने भी शिक्षकगण को महत्वपूर्ण जानकारी दी। विज्ञान प्रसार की मदद ले उन्होंने एक प्रेजेन्टेशन तैयार किया था। उन्होंने अपना प्रेजेन्टेशन दिया। साथ ही बताया कि पूर्ण सूर्य ग्रहण किस तरह होता है। कैसे इसे देखना चाहिए, यह उन्होंने विस्तार से बताया। कहां-कहां सूर्य ग्रहण कैसे दिखेगा, यह भी डा. राकेश ने बताया। देश के सभी राज्यों में पूर्ण सूर्य ग्रहण को लेकर मास्टर रिसोर्सपर्सन बनाये गये हैं। बिहार प्रांत से डा. राकेश मास्टर रिसोर्सपर्सन बनाये गये हैं।

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