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08 जुलाई, 2009

जामा मसजिद के 12वें शाही इमाम का इंतकाल


जामा मस्जिद के बारहवें शाही इमाम मौलाना सैयद अब्दुल्लाह बुखारी का बुधवार को यहां अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में लंबी बीमारी के बाद इंतकाल हो गया। वह करीब 87 वर्ष के थे। शाही इमाम के इंतकाल की खबर के बाद से ही जामा मसजिद में लोगों का तांता लगा रहा। देश के गणमान्य लोगों ने उन्हें खिराज-ए- अकीदत पेश की और नमाज-ए-जनाजा में भाग लिया।
वर्ष 1922 में राजस्थान के सांभर जिले में जन्मे सैयद अब्दुल्लाह बुखारी ने 8 जुलाई, 1973 को जामा मसजिद के शाही इमाम की जिम्मेदारी संभाली और इसी तारीख को इस दुनिया से उन्होंने रुखसती ली। लगभग 55 साल तक जामा मसजिद की इमामत की तथा अन्याय एवं अत्याचार के खिलाफ आवाज बुलंद करने से कभी नहीं चूके। वर्ष 1974 में दिल्ली के किशनगंज इलाके में हुई भयानक साम्प्रदायिक हिंसा और पुलिस अत्याचार के विरोध में उनकी पहली तकरीर हुई। इसके बाद आपातकाल के समय कांग्रेस सरकार के खिलाफ जम कर मोर्चा लिया। इसके कारण केंद्र सरकार ने उन्हें जेल में डाल दिया। शाही इमाम की रिहाई को लेकर देशभर में आंदोलन हुए और सरकार को 18 दिन बाद उन्हें बिना शर्त रिहा करना पड़ा।
शाही इमाम मौलाना अब्दुल्लाह बुखारी करीब दो साल से बीमार थे। पिछले माह उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया था जहां उन्होंने 8 जुलाई की सुबह करीब साढ़े नौ बजे अंतिम सांस ली। इंतकाल की खबर मिलते ही लोगों का अस्पताल में आना शुरू हो गया था। उनके जनाजे को करीब 12 बजे जामा मसजिद लाया गया। मसजिद के जन्नत निशां स्थित शाही इमाम की नशिस्तगाह में रखा गया। असर की नमाज के बाद जनाजे को मसजिद परिसर में आम लोगों के दर्शन लिए रखा गया। रात्रि इशां की नमाज के बाद उन्हें जामा मसजिद परिसर में ही सुपुर्द-ए-खाक किया गया। हजरत अब्दुल्लाह बुखारी ने अपने पीछे चार बेटे, दो बेटियों, पत्नी के अलावा भरा-परिवार छोड़ गए हैं। उनके बड़े पुत्र मौलाना सैयद अहमद बुखारी मौजूदा शाही इमाम हैं। इनके अलावा याहया बुखारी, हसन बुखारी व तारिक बुखारी पूर्व शाही इमाम के पुत्र हैं। पूर्व शाही इमाम की नमाजे जनाजा में लाखों लोगों ने भाग लिया। इंतकाल की खबर मिलने के बाद सबसे पहले जामा मसजिद पहुंचने वालों में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद थे। उनके बाद मुख्यमंत्री शीला दीक्षित, उद्योग मंत्री हारुन यूसुफ ने शाही इमाम को खिराज-ए-अकीदत पेश की। राज्यसभा के उपसभापति रहमान खान, पूर्व गृहमंत्री बूटा सिंह, रेल राज्यमंत्री ई. अहमद, सांसद जफर अली नकवी, अजरुद्दीन, नसीमुद्दीन सिद्दिकी, आजम खान, सुबोधकांत सहाय, फारुक अबदुल्ला, मौलाना बदरुद्दीन अजमल, डॉ. एम. एजाज अली, प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष व सांसद जेपी अग्रवाल, पूर्व सांसद सज्जन कुमार ने दिवंगत शाही इमाम को श्रद्धांजलि दी। इसके अलावा मुफ्ती-ए-आजम मौलाना मोहम्मद मियां समर देहलवी, बड़ी संख्या में उलेमाओं एवं कौमी रहनुमाओं ने शाही इमाम मौलाना सैयद अहमद बुखारी से मुलाकात कर शोक जताया।

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