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08 मई, 2009

मुख्यमंत्री नि:शक्तजन स्वरोजगार ऋण योजना की शुरूआत

दूसरे पर निर्भरता कम करने के लिए राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री नि:शक्तजन स्वरोजगार ऋण योजना की शुरूआत की है। इस योजना के तहत विकलांगों को स्वरोजगार (पुनर्वास) के लिए अधिकतम 2.5 लाख ऋण मिलेगा। यह योजना पिछले वित्तीय वर्ष की समाप्ति के पूर्व शुरू तो हो गयी लेकिन अभी तक इसका लाभ किसी को नहीं मिला है। सामाजिक सुरक्षा विभाग आवेदन लेकर बैठा हुआ है लेकिन कोई पूछने वाला नहीं है। आवेदन की कीमत दस रुपये है। स्वरोजगार की इस योजना का लाभ उठाने पर विकलांगों का बहुत हद तक पुनर्वास संभव हो सकेगा। ऋण की व्यवस्था बिहार स्टेट बैकवर्ड क्लासेज फाइनेंस एंड डेवलपमेंट कारपोरेशन के द्वारा की जाएगी। आवेदन के साथ विकलांगता प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, बीपीएल सूची, जमानत के रूप में एनएससी, फिक्सड डिपोजिट, बीमा पालिसी आदि देना अनिवार्य है।

सामाजिक सुरक्षा विभाग के सूत्रों ने बताया कि विकलांगों के लिए ही मुख्यमंत्री साम‌र्थ्य योजना के तहत उपकरण आदि दिए जाते हैं। तीनपहिया साइकिल, श्रवण यंत्र पिछले साल 55 व्यक्तियों के बीच वितरित हुआ है। चुनाव प्रक्रिया समाप्त होने के बाद करीब एक सौ विकलांगों के बीच उपकरणों का वितरण किया जाएगा। विभागीय सूत्रों ने बताया कि वृद्धों के लिए सिर्फ पेंशन योजना है। इसके तहत दो सौ रुपये पेंशन प्रतिमाह दिये जाते हैं। 65 वर्ष से अधिक के वृद्ध को राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन तथा 60 से 65 के बीच राज्य वृद्धावस्था पेंशन दिया जा रहा है। राष्ट्रीय योजना के तहत करीब 70 हजार वृद्ध इससे लाभान्वित हो रहे हैं। इसकी संख्या 80 हजार करने की तैयारी की जा रही है। नि:शक्तता पेंशन का दायरा भी बढ़ रहा है। अब बीपीएल सूची में शामिल सभी विकलांगों को पेंशन के दायरे में लाने की तैयारी की जा रही है।

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