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26 मार्च, 2013

आफत में पड़ी जान! बगैर इंजन सरपट दौड़ पड़ी ट्रेन


कल्पना कीजिए, आप जिस ट्रेन में बैठे हैं वह तीन घंटे पहले ही स्टेशन छोड़ दे। और अगर आपको मालूम पड़े कि जो ट्रेन सरपट दौड़ी जा रही है उसमें न तो इंजन है और न ही उसपर किसी तरह का नियंत्रण.... बेहद डरा देने वाली यह कोई काल्पनिक कहानी नहीं बल्कि हकीकत है जो बाड़मेर-गुवाहाटी एक्सप्रेस ट्रेन के मुसाफिरों के साथ घटी। बाड़मेर में रविवार रात इस ट्रेन ने इंजन के बिना ही तकरीबन 20 किलोमीटर का सफर तय कर लिया।
दरअसल, बाड़मेर-गुवाहाटी एक्सप्रेस (गाड़ी सं 15631) के बाड़मेर स्टेशन से निकलने का वक्त 11 बजे था लेकिन ट्रेन को 8:45 बजे ही बिना इंजन के रिलीज कर दिया। ऐसा होने पर ऊंचाई पर स्थित यार्ड से ट्रेन बिना इंजन ही 40-50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से दूसरी दिशा की ओर जाने लगी। स्टेशन स्टाफ हकीकत जान पाता इससे पहले ही ट्रेन अपने 13 कोच के साथ प्लेटफॉर्म छोड़ चुकी थी, ट्रेन में जो एक सबसे महत्वपूर्ण चीज साथ नहीं थी वो था उसका इंजन।
500 पैसेंजरों को लेकर बाड़मेर-गुवाहाटी एक्सप्रेस को 2473 किमी लंबी सफर तय करना था लेकिन उससे पहले ही ट्रेन पीछे की ओर जाने लगी। और उस वक्त 40-45 किलोमीटर की यह रफ्तार किसी भी बड़े हादसे की वजह बन सकती थी।
रेल स्टाफ ने अपनी तरफ से ट्रेन को रोकने की पूरी कोशिश की लेकिन ट्रेन एक हाल्ट तक का सफर तय कर चुकी थी। खबर लगते ही बाड़मेर से जोधपुर तक रेलवे विभाग में हड़कंप मच गया। सैकड़ों मुसाफिरों की जान मुश्किल में थी। रास्ते के सारे क्रॉसिंग बंद कर दिए गए। बगैर इंजन के दौड़ती ट्रेन की रफ्तार को कम करने के लिए पत्थर भी लगाए गए। लेकिन ट्रेन रुकने से पहले 20 किलोमीटर का सफर तय कर चुकी थी।
रेल प्रशासन ने सामने से आने वाली कालका एक्सप्रेस को पहले ही रुकवा लिया गया। 30 मिनट के इस डरावने सपने में ट्रेन ने 6 लेवल क्रॉसिंग पार की और यह उत्तरलाई एयरबेस के करीब कवास पर आकर रुकी। बाद में इंजन भेजकर ट्रेन को वापस लाया गया।

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