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30 अप्रैल, 2012

मुझे अयोग्य नहीं ठहरा सकती न्यायपालिका



पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट की ओर से अदालती अवमानना के मामले में दोषी करार दिए जाने के बावजूद अपने रुख पर अडिग पाक के प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने कहा है कि ऐसा कोई कानून नहीं है, जिसके तहत न्यायपालिका उन्हें आयोग्य ठहरा दे।
गिलानी ने कहा कि सभी विपक्षी दलों की ओर से इस्तीफे की मांग करने के बावजूद वह प्रधानमंत्री के पद पर बने रहेंगे। उन्होंने कहा कि सिर्फ नेशनल असेंबली के स्पीकर या संसद का निचला सदन उन्हें अयोग्य ठहरा सकते हैं।
गिलानी ने कहा कि मैंने स्पीकर, संसद के सदस्य व संघीय मंत्री के तौर पर सेवा की है। ऐसा कोई कानून नहीं है, जिसके तहत न्यायपालिका किसी जन प्रतिनिधि को अयोग्य ठहरा सके।
उन्होंने कहा कि मैं स्पीकर के फैसले को कुबूल करूंगा। अगर वह मुझे आज ही बाहर का रास्ता दिखा दें तो मैं आवाम के बीच चला जाऊंगा। गिलानी ने कहा कि पाकिस्तानी संविधान के अनुच्छेद 248 [1] के तहत वह स्वतंत्र हैं, और उन्हें अपना फर्ज निभाने को लेकर पूरी छूट मिली हुई है।
उन्होंने सवाल किया कि न्यायपालिका व मुख्य विपक्षी दल पीएमएल-एन के बीच मुझे प्रधानमंत्री पद से हटाने की होड़ लगी हुई है। बीते छह अप्रैल को पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट ने अदालती अवमानना के मामले में दोषी करार दिया था।
राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों को फिर खोलने का आदेश का पालन नहीं करने को लेकर उन्हें अदालती अवमानना का दोषी करार दिया गया। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद से नवाज शरीफ व इमरान खान यह मांग कर रहे हैं कि गिलानी को पद छोड़ना चाहिए।

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