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28 अप्रैल, 2012

'सौ रुपये या एक बोतल शराब में बिकता है वोट'

नई दिल्ली । टीम अन्‍ना में चुनाव लड़ने को लेकर मतभेद सामने आये हैं। अन्‍ना हजारे ने कहा है कि मतदाता जागरूक नहीं है इसलिए वह चुनाव नहीं लड़ना चाहते जबकि टीम अन्‍ना के महत्‍वपूर्ण सदस्‍य प्रशांत भूषण का मानना है कि चुनावी समर में उतरा जा सकता है। अन्‍ना हजारे ने कहा है कि आज का मतदाता सौ रूपये या शराब की बोतल के बदले अपना वोट दे देता है । अगर उसे कोई एक साड़ी दे दे तो वह उसे अपना वोट दे देगा। इन हालातों में अगर वह चुनाव के मैदान में उतरते हैं तो उनकी जमानत जब्‍त हो जायेगी। उन्‍होनें कहा कि जागरूक मतदाता स्‍वस्‍थ लोकतंत्र की पहचान है और यह जरूरी है कि मतदाता बिना किसी प्रलोभन के वोट दे। लेकिन हालात ऐसे नहीं है इसलिए वह चुनावों में खड़े नहीं होना चाहते। वहीं दूसरी ओर सुप्रीम कोर्ट के वरिष्‍ठ वकील और टीम अन्‍ना के कोर सदस्‍य प्रशांत भूषण ने एक इंटरव्‍यू में कहा कि आज के चुनाव धन और बल के आधार पर लड़े जाते हैं । इस व्‍यवस्‍था को बदलने की जरूरत है। और अगर एक चुनावी क्रांति अमल में आती है तो वह चुनाव के संग्राम में उतरने को तैयार हैं। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है जब टीम अन्‍ना के सदस्‍यों और अन्‍ना के बीच मतभेद नहीं उभरे हों । बाबा रामदेव को भ्रष्‍टाचार के मसले पर खुद के साथ जोड़ने तथा शिवसेना के राज ठाकरे के समर्थन के मसले पर अन्‍ना टीम के कुछ सदस्‍यों ने इससे खुद को अलग कर लिया।

अन्ना के बयान पर राजनीतिक हलकों से प्रतिक्रिया आनी शुरू हो गई है। बीजेपी ने अन्ना हजारे के बयान पर कहा है कि देश के ज़्यादातर मतदाता बिना किसी भय या लालच के वोट देते हैं। पार्टी के प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि उनकी पार्टी अन्ना के बयान से सहमत नहीं है। वहीं, मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी ने कहा कि एक हद तक अन्ना की बात सही है। कुरैशी ने कहा कि चुनाव आयोग की कोशिश है कि चुनाव निष्पक्ष हों और पैसे या शराब बांटकर वोटर को प्रभावित न किया जा सके।

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