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21 जनवरी, 2010

जम्मू-कश्मीर में प्रीपेड मोबाइल से प्रतिबंध हटा

केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर में प्रीपेड मोबाइल फोन सेवा पर ढाई माह से लागू पाबंदी आज हटा ली। केंद्र का आदेश तत्काल लागू हो गया है और ग्राहकों की जाँच के लिए कड़े नियम लागू कर दिए गए हैं।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि केंद्र ने राज्य के 38 लाख प्रीपेड मोबाइल फोनधारकों की जाँच के लिए ‘पुख्ता’ योजना तैयार कर ली है। इसी के मद्देनजर प्रतिबंध हटाने का फैसला किया गया है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पिछले साल पहली नवंबर से प्रदेश में प्रीपेड सेवा पर रोक लगा दी थी। गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने हाल में कहा था कि यदि सेवाप्रदाता ग्राहकों की पहचान और जाँच के लिए सौ फीसद फूलप्रूफ योजना पेश करते हैं और मंत्रालय इससे संतुष्ट हो जाता है तो प्रतिबंध को वापस ले लिया जाएगा।

जम्मू-कश्मीर सरकार और स्वयं मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला केंद्र के साथ इस मसले पर बातचीत कर रह थे। मुख्यमंत्री ने केंद्र से इस मसले को जल्द से जल्द हल करने का आग्रह किया था।

राज्य सरकार दूरसंचार ऑपरेटरों के लिए ऐसी नीति के पक्ष में थी, जिसमें ग्राहकों की जाँच का काम पूरा नहीं करने वाली कंपनियों पर वित्तीय जुर्माना लगाने के साथ-साथ कड़ी कार्रवाई की जा सके।

सूत्रों के अनुसार जम्मू-कश्मीर सरकार का मानना था कि केवल जुर्माने से सुरक्षा एजेंसियों की समस्या का हल नहीं होने वाला, बल्कि दिशा-निर्देशों का पालन नहीं करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए कानून बनाया जाना चाहिए।

दूरसंचार विभाग (डॉट) ने 2008 से नवंबर, 2009 के दौरान राज्य के छह सेवा प्रदाताओं पर 7.38 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया था।

अब्दुल्ला ने केंद्र से जल्द से जल्द कोई योजना तैयार करने को कहा था, क्योंकि प्रीपेड मोबाइल पर प्रतिबंध से 38 लाख ग्राहक प्रभावित हुए थे, जो राज्य में कुल मोबाइल ग्राहकों का 60 प्रतिशत हैं।

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