ताजा समाचार

इस गैज़ेट में एक गड़बड़ी थी.

 

30 दिसंबर, 2009

झूठी प्राथमिकी पर मिल सकती है सजा

पुलिस थाने में झूठी प्राथमिकी दर्ज कराने वाले व्यक्ति को 10 साल तक की जेल की सजा दिलाने के लिए सरकार दंड प्रक्रिया संहिता में संशोधन पर विचार कर रही है।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सरकार को उम्मीद है कि रंजिश या निहित स्वार्थ के कारण किसी के खिलाफ झूठी प्राथमिकी दर्ज कराने वाले व्यक्ति को इस प्रावधान का भय रहेगा।

सरकार के इस प्रस्तावित कदम का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि हाल ही में गृह मंत्रालय ने सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया है कि शिकायतों को एफआईआर की तरह समझा जाए।

सूत्रों के मुताबिक सरकार को इस बात का एहसास है कि अगर शिकायत गलत भी हुई तो प्राथमिकी दर्ज करने के बाद पुलिस को मामले की जाँच करनी होगी।

एक अधिकारी ने बताया कि अगर शिकायत झूठी पाई जाती है तो पुलिस उस प्राथमिकी को रद्द कर सकती है और शिकायतकर्ता के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई शुरू कर सकती है।

ध्यान दें

प्रकाशित समाचारों पर आप अपनी राय या टिपण्णी भी भेज सकते हैं , हर समाचार के नीचे टिपण्णी पर क्लिक कर के .

घूमता कैमरा

लोकप्रिय समाचार

इस गैज़ेट में एक गड़बड़ी थी.