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03 जून, 2009

नवगछिया को पूर्ण जिला बनाने मांग तेज

जिला बनने की हर योग्यता रखने के बावजूद नवगछिया डेढ़ दशक से पुलिस जिला बना हुआ है। राजस्व जिला न बनने से यहां की दस लाख की आबादी विकास से महरूम रहती है। भागलपुर के गंगा पार होने के नाते यहां सालों आवागमन को स्टीमर का सहारा लेना पड़ता था। लेकिन विक्रमशिला सेतु बनने के बाद नवगछियावासियों का आधा सपना सच हुआ है। अब उन्हें इसके पूर्ण राजस्व जिला बनने की आस है।
नवगछिया 1972 में अनुमंडल बना। बाद में वर्ष 92 में अपराध के मिनी चंबल के रूप में विख्यात होने के बाद तत्कालीन लालू प्रसाद की सरकार ने इसे पुलिस जिला का दर्जा देते हुए यहां एसपी का पद सृजित किया। एक साल बाद यहां चार नए प्रखंड रंगरा, इस्माइलपुर, नारायणपुर व खरीक बनाए गए। दस लाख की आबादी, सवा चार लाख वोटर, पुलिस जिला यानि सब कुछ पूर्ण जिला बनने की योग्यता रखने के बाद भी यह पूर्ण जिला नहीं बन पाया है। एक लाख एकड़ से अधिक की उपजाऊ भूमि रहने के बाद भी यहां के किसानों को उनकी अनाज की उचित कीमत नहीं मिलती है। भागलपुर जिले में सर्वाधिक आबादी वाला व संवेदनशील अनुमंडल है नवगछिया। नए परिसीमन में भागलपुर लोस क्षेत्र में शामिल होने के बाद सांसद शाहनवाज हुसैन से भी नवगछिया पुलिस जिला को पूर्ण जिला का दर्जा दिलाने की मांग की है।

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