ताजा समाचार

इस गैज़ेट में एक गड़बड़ी थी.

 

15 जून, 2009

अमरनाथ यात्रा शुरू, 900 श्रद्धालु रवाना

लंबे इंतजार के बाद सोमवार सुबह पवित्र अमरनाथ गुफा की वार्षिक यात्रा शुरू हो गई। यात्रा पर जाने वाले पहले जत्थे में 900 श्रद्धालु शामिल हैं।

अधिकारियों ने बताया कि जत्थे में 607 पुरुष, 229 महिलाएं और 64 बच्चे शामिल हैं, जो आज सुबह लगभग पांच बजे भागवती नगर के आधार शिविर से रवाना हुए। जत्थे को प्रदेश के पर्यटन और संस्कृति मंत्री नवांग रिगजिन जोरा ने झंडी दिखाकर रवाना किया।

पहले सात जून से शुरू होने वाली यात्रा पहलगाम के रास्ते में भारी बर्फ जमा होने के चलते बालटाल के रास्ते शुरू हुई है। पहलगाम से पंचतरणी के बीच कई स्थानों पर भारी बर्फ जमा है, जिसे हटाने के काम में सेना लगी है। अधिकारियों ने बताया कि यात्रियों को कड़ी सुरक्षा के साथ भेजा गया है। यात्रियों के आज शाम तक बालटाल पहुंचने की संभावना है, जहां से वे कल सुबह गुफा के लिए रवाना होंगे। यात्रियों की सुरक्षा के लिए जम्मू संभाग के लखनपुर से जवाहर गुफा तक भी भारी संख्या में सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है।

पहलगाम के रास्ते यात्रा के लिए पंजीयन कराने वाले हजारों यात्रियों ने कहा कि वे अपनी यात्रा बालटाल के रास्ते पूरी करेंगे। जालंधर की सुषमा ने कहा, 'हम पहलगाम के रास्ते यात्रा निरस्त होने के बाद भी अपने घर लौट कर नहीं जाएंगे। भारी बारिश और कड़कड़ाती ठंड भी हमें गुफा तक जाने से नहीं रोक सकती। हम बालटाल के लिए रवाना हो रहे हैं।' पहलगाम के रास्ते यात्रा पूरी करने वाले अब तक लगभग 400 यात्री पहलगाम के नुनवान आधार शिविर तक पहुंच गए हैं, जहां से वे चंदनवाड़ी-शेषनाग-पंचतरणी के रास्ते गुफा तक पहुंचेंगे।

नुनवान आधार शिविर के अधिकारी जीएम जलाली ने कहा, 'हम पहलगाम के रास्ते जाने वाले यात्रियों को बालटाल की ओर मोड़ रहे हैं। यहां से यात्रा मौसम में सुधार आने के बाद ही संचालित की जाएगी।'

इसके पहले श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड [एसएएसबी] ने 12 जून को बर्फबारी और खराब मौसम के कारण पहलगाम के रास्ते यात्रा स्थगित कर दी थी। जम्मू जिला प्रशासन ने इस आधार शिविर में भोजन के साथ साथ चिकित्सा, संचार और एटीएम की व्यवस्थाएं की हैं।

ध्यान दें

प्रकाशित समाचारों पर आप अपनी राय या टिपण्णी भी भेज सकते हैं , हर समाचार के नीचे टिपण्णी पर क्लिक कर के .

घूमता कैमरा

लोकप्रिय समाचार

इस गैज़ेट में एक गड़बड़ी थी.