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22 अगस्त, 2009

राजनीतिक दलों की इफ्तार दावतें अवैध

अंतरराष्ट्रीय इस्लामी शिक्षण संस्थान नदवतुल उलमा (नदवा) ने रमजान के पाक महीने में राजनीतिक दलों द्वारा इफ्तार पार्टियों के आयोजन को इस्लाम की मूल भावना के खिलाफ बताया है।
नदवा ने रमजान शुरू होने से दो दिन पहले जारी फतवे में कहा है कि सियासी दलों की ओर से आयोजित अफ्तार पार्टियाँ दरअसल इस्लाम की मूल भावना के अनुरूप नहीं हैं।
सूत्रों के अनुसार कर्नल (सेवानिवृत्त) एमजे शमसी की जिज्ञासा पर संस्थान के फतवा विभाग ‘दारुल इफ्ता’ के मुफ्ती जहूर नदवी ने कहा कि राजनीतिक दलों की ओर से आयोजित होने वाली इफ्तार दावतों की धार्मिक वैधता नहीं है क्योंकि ऐसे आयोजन पीछे पार्टियों का निजी स्वार्थ छिपा होता है।
सूत्रों ने बताया कि कर्नल शमसी ने जानना चाहा था कि राजनीतिक दलों द्वारा आयोजित रोजा इफ्तार दावतें इस्लामी नुक्तेनजर से कहाँ तक जायज है।
जानकार बताते हैं कि राजनीतिक दलों द्वारा रोजा इफ्तार दावतों की शुरुआत 70 के दशक मे उत्तरप्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री हेमवती नंदन बहुगुणा ने की थी, जिसके बाद दिनोदिन यह परंपरा बढ़ती गई और राजनीतिक दलों तथा उनके नेताओं मे रोजा इफ्तार पार्टियों के आयोजन की होड़-सी लगने लगी।

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