ताजा समाचार

इस गैज़ेट में एक गड़बड़ी थी.

 

08 जुलाई, 2009

मदरौनी में कटाव जारी, सुरक्षित स्थल की तलाश में ग्रामीण

कारगिल शहीद प्रभाकर सिंह का गांव मदरौनी आने वाले दिनों में नवगछिया के नक्शे से समाप्त हो जाए तो इसमें कोई आश्चर्य नहीं होना चाहिए। दरअसल पांच दिनों से जारी भीषण कटाव के कारण गांव का अस्तित्व संकट में पड़ गया है। तेज कटाव को देख ग्रामीणों को इस बात का डर है कि कब यहां के बचे हुए घर भी कोसी में समा जाएं। जानकारी के अनुसार वर्ष 87 से ही इस गांव में कटाव चल रहा है। यह कटाव हर साल गांव के कुछ न कुछ लोगों को बेघर कर रहा था। पिछले साल कटाव के कारण करीब पचास घर नदी में विलीन हो गए थे। ग्रामीणों ने बताया कि दो जुलाई की सुबह से ही यहां कटाव का तांडव चल रहा है जो अब और तीव्र हो चुका है। पूर्व मुखिया विभाष सिंह, लालबहादुर सिंह व शैलेन्द्र प्रसाद सिंह का आरोप है कि कोसी पर करीब एक करोड़ बीस लाख की लागत से चला कटाव निरोधी कार्य कटाव रोकने में विफल साबित हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि कटाव निरोधी कार्य में काफी छोटे बोल्डर लगाए गए हैं। उनका कहना है कि आने वाले दिनों में पूरा कटाव निरोधी कार्य कोसी में समा जाएगा। दूसरी ओर सहायक अभियंता कौशल किशोर मिश्र व कनीय अभियंता गणेश प्रसाद यादव ने ग्रामीणों के आरोपों को गलत बताया है। अभियंताओं का कहना है कि कार्य की गुणवत्ता सही है तथा जहां कटाव हो रहा है वह क्षेत्र कटाव निरोधी कार्य से काफी दूर है। मुख्य अभियंता राजेन्द्र प्रसाद महतो ने बताया कि विभाग की ओर से मदरौनी गांव में कोसी नदी किनारे करीब आठ सौ मीटर वर्क का प्रस्ताव दिया गया था लेकिन विभाग ने यहां सिर्फ पांच सौ मीटर कार्य की सहमति प्रदान करते हुए उसी अनुरूप राशि उपलब्ध कराई।

ध्यान दें

प्रकाशित समाचारों पर आप अपनी राय या टिपण्णी भी भेज सकते हैं , हर समाचार के नीचे टिपण्णी पर क्लिक कर के .

घूमता कैमरा

लोकप्रिय समाचार

इस गैज़ेट में एक गड़बड़ी थी.