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23 अक्तूबर, 2010

सोनिया व राहुल के खिलाफ शिकायत दर्ज

मुजफ्फरपुर। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, महासचिव राहुल गांधी, वरिष्ठ नेता मुकुल वासनिक, प्रदेश अध्यक्ष चौधरी महबूब अली कैसर और चार अन्य के खिलाफ सुधीर कुमार ओझा को दल का प्रत्याशी नहीं बनाए जाने पर धोखाधड़ी के मामले में अदालत ने शनिवार को एक शिकायत दर्ज की है।

शिकायतकर्ता और अधिवक्ता सुधीर कुमार ओझा का बयान दर्ज करने के बाद मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी रमेश चंद्र मालवीय ने शिकायत दर्ज की। इस मामले में जिन गवाहों के नाम तय किए हैं उनके बयान दर्ज करने के लिए अदालत ने 27 अक्टूबर की तारीख तय की है।

ओझा ने अपनी अर्जी में कहा है कि वर्ष 2007 में सोनिया गांधी का दुर्गा अवतार में जब एक पोस्टर पार्टी कार्यालय में लगाया गया था तो उसने सुप्रीम कोर्ट के एक वकील एससी माहेश्वरी के मध्यस्थता कराने पर सोनिया गांधी, उत्तर प्रदेश कांग्रेस समिति की अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी और मुरादाबाद के कांग्रेस समिति के अध्यक्ष के खिलाफ दर्ज शिकायत वापस ले थी।

ओझा ने दावा किया कि इस संबंध में एक खबर एक हिंदी दैनिक में भी प्रसारित हुई थी, जिसमें आरोपियों पर लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगाया था।

शिकायतकर्ता की अर्जी का संज्ञान लेते हुए अदालत ने पूर्व में सोनिया गांधी और अन्य को समन जारी कर व्यक्तिगत तौर पर अपना पक्ष रखने को कहा था, जिसके बाद माहेश्वरी मध्यस्थता कराने के लिए के लिए हाल में ओझा के घर पहुंचे थे।

ओझा ने दावा किया कि माहेश्वरी ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि शिकायत वापस लेने के बाद उन्हें [ओझा] उचित इनाम दिलाएंगे। सुप्रीम कोर्ट के वकील ने ओझा से शिकायत वापस लेने के एवज में उसे कांग्रेस प्रत्याशी बनाए या पार्टी में एक ऊंचा ओहदा देने का वादा किया था।

मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में की गई शिकायत में कहा गया है कि ओझा ने 2007 में सोनिया गांधी के खिलाफ मामला वापस ले लिया था।

इस सारे प्रकरण के बाद ओझा ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष महबूब अली कैसर से मुलाकात की और माहेश्वरी द्वारा किए गए वायदे की ओर ध्यान दिलाया, जिसमें सुलह सफाई के एवज में इनाम देने की बात कही गई थी।

कैसर के परामर्श पर ओझा ने कांग्रेस नेता मुकुल वासनिक से बातचीत की और प्रत्याशी बनाने की बात उठाई लेकिन वासनिक ने चुनावी टिकट देने के एवज में धन मांगा। इसके बाद ओझा ने 21 अक्टूबर को राहुल गांधी से मुजफ्फरपुर में मुलाकात करने का निर्णय किया जो उस दिन यहां चुनावी सभा को संबोधित करने आए थे, लेकिन ओझा को मिलने का मौका नहीं दिया गया। ओझा ने आरोप लगाया कि वासनिक के कहने पर सुरक्षाकर्मियों ने उनको वहां से भगा दिया।

ओझा ने मुजफ्फरपुर के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में दी गई अर्जी में कहा है कि उसके पास कोई चारा नहीं था। कांग्रेस के नेता के व्यवहार से क्षुब्ध होकर उसने शिकायत दर्ज कराई है, क्योंकि स्थानीय पुलिस ने भी मामला दर्ज करने से इंकार कर दिया था।

ओझा ने भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 406, 323, 341, 379, 504, 120 [बी], 386 और 109 के तहत टिकट देने का झांसा देकर मुकरने के आरोप में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मुकुल वासनिक, महबूब अली कैसर के अलावा चार अन्य नेताओं के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई है। अन्य चार नेताओं में कांग्रेसी नेता रीता बहुगुणा जोशी, सागर रायका, संजय बाफना और विनिता विजय शामिल हैं।

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