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21 जुलाई, 2012

सरकार के इशारे पर हुई बालकृष्ण की गिरफ्तारी: रामदेव

फर्जी दस्तावेज मामले में एक विशेष अदालत के गैर जमानती वारंट जारी करने के बाद अपने खास सहयोगी बालकृष्ण की गिरफ्तारी से तमतमाये योग गुरु बाबा रामदेव ने केंद्र सरकार पर तीखे हमले किये।

रामदेव ने आरोप लगाया कि बालकृष्ण को सीबीआई के दुरुपयोग से इस मामले में साजिशन फंसाकर पकड़ा गया, क्योंकि भ्रष्टाचार और काले धन पर दिल्ली में नौ अगस्त से शुरू होने वाले उनके आंदोलन से सरकार डर गयी है।

बालकृष्ण को निष्पाप और निरपराध बताते हुए रामदेव ने कहा, ‘उनका गुनाह सिर्फ यही है कि वह मेरे साथ हैं। उन्हें अदालत में अपना पक्ष रखने का मौका दिये बगैर गिरफ्तार कर लिया गया, ताकि उनके चरित्र पर कीचड़ उछाला जा सके। उन्होंने कहा, ‘केंद्र सरकार के करीब 15 मंत्रियों पर गंभीर इल्जाम हैं। इन मंत्रियों के खिलाफ सबूत भी पेश किये गये हैं। लेकिन सरकार को इसकी रत्ती भर भी परवाह नहीं है। वह तो सीबीआई जैसी सरकारी एजेंसियों के दुरुपयोग से उन व्यक्तियों के चरित्र हनन और अपमान में जुटी है, जो मेरे साथ खड़े हैं।’

रामदेव ने दावा किया, ‘पहले बालकृष्ण की भारतीय नागरिकता को लेकर झूठा प्रचार किया गया। यहां तक कि नेपाल पर भी दबाव बनाया गया कि वह दस्तावेजी तौर पर कहे कि बालकृष्ण भारत के इस पड़ोसी देश के नागरिक हैं। लेकिन केंद्र सरकार का दांव तब उल्टा पड़ गया, जब नेपाल के एक जिलाधिकारी ने यह लिखकर दे दिया कि बालकृष्ण नेपाल के नागरिक नहीं हैं।’

रामदेव ने यह दावा भी किया कि बालकृष्ण ने भारतीय पासपोर्ट हासिल करने के लिये वाराणसी स्थित संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय की जो डिग्री पेश की थी, वह असली है और उनके खास सहयोगी को फर्जी दस्तावेजों के मामले में फंसाकर जेल पहुंचाने की साजिश रची गयी है। योग गुरु ने विस्तृत ब्यौरा दिये बगैर कहा, ‘हमें खरीदने की कोशिश भी की गयी। लेकिन मैं इस बारे में सही वक्त पर खुलासा करुंगा।’

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