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01 अगस्त, 2009

स्वाइन फ्लू का दूसरा चरण दे रहा दस्तक!

मुकेश केजरीवाल
देशभर के 16 राज्यों में स्वाइन फ्लू यानी एच-1 एन-1 वायरस संक्रमण के 525 मामले सामने आ गए हैं। यह वायरस हिंदुस्तान में विकराल रूप अख्तियार कर सकता है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने माना है कि यह इनफ्लूएंजा किसी भी समय अपने अगले फेज में पहुंच सकता है। मंत्रालय यह दावा भी कर रहा है कि ऐसी स्थिति से निपटने के लिए सारी तैयारियां कर ली गई हैं। इसके तहत देश के हर जिले में आइसोलेशन वार्ड बनाना और क्रिटिकल केयर सुविधा तैयार रखना शामिल है।

हिंदुस्तान में अब तक एच1एन1 का वायरस काफी नरम रहा है। लेकिन गर्मी कम होने और बरसात होने से यह जल्दी ही दूसरे देशों की तरह यहां भी बेहद उग्र हो सकता है। 'दैनिक जागरण' से बातचीत में स्वास्थ्य सचिव नरेश दयाल ने भी माना कि चूंकि हिंदुस्तान में इसके संक्रमण के 500 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं और जम्मू-कश्मीर से ले कर केरल तक 16 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों तक यह फैल चुका है। ऐसे में पूरे तंत्र को अगले स्तर से निपटने के लिए तैयार रहना होगा। हालांकि साथ ही वह दावा करते हैं कि इसका फेज-टू 'अगर आता है और जब भी आता है' तो उससे निपटने के लिए सरकार पूरी तरह तैयार है।

बढ़ते मामलों को देखते हुए अब सरकार जल्दी ही मौजूदा रणनीति बदलने वाली है। अभी जिस तरह हवाईअड्डों पर शरीर का तापमान जांचने वाले स्कैनरों और डॉक्टरों के जरिये मरीज खोजने पर जोर है, उससे ठीक उलट अब प्राथमिकता जागरूकता और इलाज पर होगी। छोटे शहरों तक इसके फैल जाने के बाद मरीजों को ढूंढ़ना न तो मुमकिन हो सकेगा और न जरूरी। शुरुआती दौर में जरूर चूंकि इसके सारे मामले आयातित होते थे, इसलिए कोशिश की जा रही थी कि विदेश में संक्रमित व्यक्ति को खोज कर उसे पूर्ण एकांत में रख कर वायरस फैलने से रोका जाए। लेकिन अब एक दर्जन राज्यों में लगभग पौने दो सौ मामले स्वदेशी संक्रमण के भी सामने आ चुके हैं। ऐसे में 22 अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डों पर डटे 224 डाक्टरों और 112 सहायकों को किसी भी समय इस काम से हटाया जा सकता है।

नेशनल इंस्टीट्यूट आफ कम्यूनिकेबल डिजीजेज, दिल्ली और नेशनल इंस्टीट्यूट आफ वायरोलाजी, पुणे के बाद अब देश भर की 16 और प्रयोगशालाओं में भी इसकी जांच शुरू हो गई है। दवा के साथ-साथ डाक्टरों और पैरा मेडिकल कर्मचारियों के लिए रक्षा सामग्री का पर्याप्त स्टाक तय किया जा रहा है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों को सरकारी मशीनरी पूरी तरह तैयार कर लेने को कहा गया है। खास कर इसके मरीजों को दूसरे मरीजों से बिल्कुल अलग रखने के लिए हर जिले में आइसोलेशन वार्ड और क्रिटिकल केयर सुविधा तैयार रखना बेहद जरूरी बताया गया है। जिला स्तर पर डाक्टरों को प्रशिक्षित किया जा रहा है।

शुक्रवार को स्वाइन फ्लू के 16 नए मामले आए, जिनमें से सबसे ज्यादा दस पुणे के हैं। इनमें से सिर्फ एक ही व्यक्ति सीधे विदेश से ये वायरस ले कर लौटा है। बाकी नौ पहले के संक्रमित व्यक्ति से इसकी जद में आए हैं।

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