31 जुलाई, 2009

नेट यूजर्स के लि‍ए सुरक्षित है प्रॉक्सी सर्वर

कम्प्यूटर सिक्यूरिटी आज वैश्विक जरूरत बन चुका है। इंटरनेट ने लोगों की जिंदगी बदल दी। एक ओर इस तकनीक ने पूरी दुनिया को आपस में जो़ड़ दिया है, वहीं दूसरी ओर लोगों के निजी जीवन में ताका-झाँकी भी बढ़ गई है। इसने अनेक प्रकार की समस्याएँ ख़ड़ी कर दी हैं।
यह कहना था एथिकल हैकर अंकित फाड़ि‍या का। वे मंगलवार को महाराजा रणजीतसिंह कॉलेज में विद्यार्थियों के लिए 'एथिकल हैकिंग' विषय पर आयोजित सेमिनार को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि आज आपराधिक गतिविधियों और आतंकवादी घटनाओं को अंजाम देने का सबसे आसान और सरल माध्यम इंटरनेट है।
उन्होंने इंटरनेट पर आईपी एड्रेस को सुरक्षित करने की तकनीक से अवगत कराया। श्री फाड़ि‍या ने उदाहरणों द्वारा बताया कि कैसे दूसरे के ई-मेल का उपयोग अपराधी अपने लिए करते हैं। लाइव हैकिंग डिमॉन्सट्रेशन में श्री फाड़ि‍या ने ट्रोजन का इस्तेमाल कर दूसरे के पासवर्ड को जाना। उन्होंने बताया कि ट्रोजन का विविध प्रकार से उपयोग कर किसी के भी वेब कैमरे को संचालित किया जा सकता है।
सात समंदर पार बैठकर किसी के भी कम्प्यूटर को अपनी मर्जी से संचालित किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि जब भी कम्प्यूटर पर इंटरनेट और ई-मेल का उपयोग करना हो, प्रॉक्सी सर्वर सबसे सुरक्षित तरीका है।
प्रॉक्सी सर्वर से इंटरनेट उपयोगकर्ता की जानकारी नहीं हो पाती है। यदि प्रॉक्सी वेबसाइट को भी रोक दिया जाता है तो वेबसाइट fall.csprinceton.edu/codeen/ पर चार सौ से ज्यादा प्रॉक्सी वेबसाइट की जानकारी दी हुई है,जिसका उपयोग किया जा सकता है। आरंभ में स्वागत प्राचार्य डॉ. आनंद निघोजकर, एमसीए के डायरेक्टर प्रो. अनिल गुप्ता और डॉ. पुष्पेंद्र दुबे ने किया। इस मौके पर प्रो. रशीद शेख, प्रो. पराग पांडे, शीतल सिसौदिया, तपस्या जोशी, गीतांजलि श्रीवास्तव मौजूद थे। संचालन स्वाति राजपूत ने किया। आभार प्रो. आफताब कुरैशी ने माना।

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