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04 मई, 2009

नवगछिया स्टेट बैंक बना उचक्कों का स्वर्ग


इन दिनों नवगछिया स्टेट बैंक उचक्कों का स्वर्ग बन गया प्रतीत हो रहा है। पिछले लगभग दो माह से पॉकेटमारी एवं मोबाइल चोरी की कई घटनाएँ होने के समाचार मिल रहे हैं। बैंक परिसर में ग्राहकों की भीड़ भाड़ भी अच्छी रहती है। ग्राहकों की भीड़ की अपेक्षा बैंक परिसर छोटा लगता है। जिससे उचक्कों को अच्छा लाभ मिल जाता है। जहाँ ग्राहक रुपयों के जमा और निकासी के लिए प्रयाश रत रहते हैं , वहीँ उचक्के बैंक परिसर में ही निकास की गई रकम को रखते देख उसे साफ़ करने की जुगत में लग जाते हैं। मौका पाकर बैंक परिसर के अन्दर ही अपना काम कर गुजरते हैं या फ़िर बैंक के बाहर मौके की तलाश में लगे रहते हैं। साथ ही लाइन में खड़े जमाकर्ता पर भी नजर टिकाये रहते हैं और मौका पाते ही ब्लेड चला देते हैं।
सोमवार के दिन इस्माइलपुर भिट्ठा टोला के उमेश प्रसाद यादव ने नवगछिया स्टेट बैंक से पैंतीस हजार एक सौ की निकासी कर रकम को एक झोले रख लिया। बैंक से बहार निकलने से पहले ही झोला कट चुका था । जिससे सारे रुपयों के साथ पासबुक तक नदारत थी। उस समय ग्राहक के साथ आई बूढी का कारुणिक दृश्य ह्रदय विदारक था।
इसी दिन सात लाख रुपये जमा कराने लाइन में खड़े बनवारी पंसारी ( पंसारी उद्योग ) के कर्मचारी के बैग को भी उचक्कों ने काट तो डाला पर कर्मचारी की बैग पर पकड़ मजबूत होने की वजह से उचक्कों को मोटी रकम हाथ लगने से बच गई।
इसके अलावे एक ग्राहक जो स्टेट बैंक से रुपये निकाल कर बैग में रख कर बैग को झोले में डाल कर बाज़ार आ गया । एक दुकान में सामान लेने के लिए झोला में से बैग अलग कर लिया । कुछ ही देर में उस ग्राहक का झोला गायब था उसके बदले दुसरे ग्राहक का झोला उसी जगह पड़ा था।
जबकि जानकारों के मुताबिक शनिवार को भी एक ग्राहक को दस हजार की चपत लगी है। इसके अलावे तिन चार दिन पहले नगरह गांव के राम चंदर का भी पैंतीस हजार रूपया और पासबुक गायब होने की जानकारी मिली है । जबकि मोबाईल फोन का तो लोगों को घर पहुँचने के बाद पता चलता है की बैंक से लौटते समय रास्ते में गायब हो गया ।
इस बाबत स्टेट बैंक के मेनेजर मो० करीम उद्दीन स्वीकारते हैं कि दस दिन पहले भी इसी तरह कि घटना सुनी थी । गार्ड के साथ मीटिंग कर उनको भी सतर्क रहने कहा गया था । लेकिन भीड़ इतनी ज्यादा रहती है कि निगरानी रख पाना मुस्किल लगता है ।
बहरहाल इस शाखा के ग्राहक काफ़ी भयभीत हैं तथा बैंक प्रबंधन से सुरक्षा की गुहार लगा रहे हैं । शहर के व्यवसायियों ने मांग की है कि जमा एवं निकासी काउंटर पर भीड़ जमा नहीं हो इसकी समुचित व्यवस्था अन्य बैंकों की तरह की जानी चाहिए इसके अलावे बैंक में अनावश्यक लोगों के प्रवेश पर पाबंदी होनी चाहिएग्राहकों पर निगरानी के लिए कैमरे भी लगाने चाहिए अन्यथा किसी भी दिन बैंक में कोई बड़ी घटना भी घट सकती है ।

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