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05 मई, 2009

बाल श्रम : समाज के लिए एक अभिशाप

श्रम विभाग की ओर से स्थानीय सज्जन चिरानियां के ईट भट्ठे पर बाल श्रम को समाज के लिए एक अभिशाप मानते हुए मंगलवार को मजदूरों के बीच जागरूकता अभियान चलाया गया। मजदूरों को उनके अधिकारों की विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए अपने बच्चों से श्रम कराने के बदले उन्हें स्कूल भेजने का संकल्प दिलवाया गया। संगोष्ठी को संबोधित करते हुए अनुमंडल पदाधिकारी कपिलदेव महतो ने कहा कि प्रशासन बाल श्रम को रोकने के लिए कटिबद्ध हैं। उन्होंने मजदूरों से कहा कि वे श्रम के बदले मिली मजदूरी का सही उपयोग करें। महतो ने मजदूरों से कहा कि वे मजदूरी का सही उपयोग कर इसका खर्च बच्चों की पढ़ाई में करें। उन्होंने सरकारी स्कूलों में बच्चों के नामांकन की नि:शुल्क व्यवस्था के साथ- साथ मिड डे मील व छात्रवृति की पूरी जानकारी दी। उन्होंने मजदूरों को चरित्र निर्माण की जानकारी देते हुए संकल्प दिलवाया कि वे अपने बच्चों से मजदूरी नहीं करवाऐंगे। गोष्ठी में विभिन्न क्षेत्रों के करीब सौ मजदूरों ने भाग लिया। श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी अवधेश कुमार श्रीवास्तव ने गोष्ठी में मजदूरों को आम आदमी बीमा योजना की जानकारी देते हुए बताया कि 50 डीसमील जमीन वाले मजदूरों को जिनकी उम्र 18 से 59 वर्ष के बीच है वैसे मजदूरों का 75 हजार की बीमा श्रम विभाग करा रहा है। नवगछिया में दो हजार मजदूरों के बीमा का लक्ष्य है जिसमें एक हजार मजदूरों का बीमा कराया गया है। गोष्ठी में बीडीओ मृत्युजंय कुमार, पूर्व मुखिया गोपाल सिंह, सहायक अपर लोक अभियोजक श्री किशोर झा, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी प्रमोद कुमार श्रीवास्तव, सज्जन चिरानियां, नागेश्वर राम, राजेश कुमार, ऋषि कुमार दास ने भाग लिया।

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